नई कार का खरीदते समय चुनाव कैसे करें


लम्बे विचार विमर्श के बाद आखिरकार आपने यह मन बना ही लिया कि अब हमें नयी कार लेनी है। पहली बार नयी कार लेने में मन में अनेकों सवाल पैदा हो जाते हैं जिसमें मुख्यतः दिमाग में यह आता है की बाजार में बहुत सारे ब्रांड और मॉडल उपलब्ध है उनमें से कौन सी कार खरीदी जाए । जिसमें से यह चुनाव करना भी कठिन होता है कि पेट्रोल, डीजल, मैन्युअल ली जाए या ऑटोमेटिक या फिर सीएनजी का उपयोग किया जाए । पहली बार नयी कर खरीदने में बड़ी असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है । देखने में तो कार खरीदना बहुत आसान काम लगता है । कार खरीदते समय यह भी निर्भर करता है कि आपका कार लेने का उद्देश्य क्या है किस उपयोग के लिए ली जा रही है, जिन सुविधाओं के लिए आप ले रहे हैं वह उसको पूरा कर रहा है या नहीं कर रहा है । कार खरीदते समय आप निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखेंगे तो आपको खरीदने में सुविधा होगी ।

 नई कार  का खरीदते समय चुनाव कैसे करें


                                                                                     आप यहाँ से ऑनलाइन  शॉपिंग कर सकते हैं

कार खरीदने का उद्देश्य और उसका उपयोग

कार खरीदते समय सर्वप्रथम आपका उद्देश्य क्या है इस बात को ध्यान में रखना होगा, कि कार आप एक शौक के लिए ले रहे हैं या वास्तव में आपको कार की जरूरत है । यदि आप शौक के लिए ले रहे हैं तो आप सस्ती कार लेकर भी अपना शौक पूरा कर सकते हैं । जिसमें आपको मेंटेनेंस में भी कम खर्च करना पड़ता है। दूसरी ओर यदि आपको वास्तव में कार की जरूरत है, तो आपको यह देखना है कि आपका प्रतिदिन का रन कितना है। यह भी ध्यान में रखना होगा आप लोकल बाजार में ही चलाएंगे या आपका सफर हाईवे का होगा । यदि आपको अधिकतर अपने ही शहर में चलना है तो आपके लिए छोटी कारें उचित होंगी, जिनको भीड़-भाड़ वाली जगह में आसानी से चलाया जा सकता है। छोटे परिवार के लिए यह कारें उचित रहती हैं, और उनकी ड्राइविंग भी सरल होती है । दूसरी ओर यदि आपका सफर अधिक है तो आपको उसके लिए गाड़ी का माइलेज, इंजन की क्षमता, गाड़ी के फीचर, गाड़ी की सर्विसिंग में आने वाले खर्चों आदि सभी चीजों को ध्यान में रखकर गाड़ी को खरीदना होगा ।

आवश्यकता अनुसार ब्रांड और मॉडल का चुनाव

बाजार में विभिन्न ब्रांडों के विभिन्न मॉडल उपलब्ध है । इसमें से आपको यह चाहिए कि हमारे लिए कौन से ब्रांड का कौन सा मॉडल उचित रहेगा । आप अपने शहर में स्थित कंपनियों के विभिन्न शोरूम में जाकर इन सब की जानकारी एकत्रित कर सकते हैं । कार के मॉडल में उनकी कीमत के अनुसार उनके फीचर में भी अंतर होता है। कंपनियां अपने मॉडलों को विभिन्न लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार बनती है। अलग-अलग मॉडलों में लगभग अलग-अलग सेफ्टी फीचर और उनकी माइलेज भी अलग-अलग देखने को मिलते हैं। कुछ कारें लंबी ड्राइव के लिए सही रहते हैं तो कुछ छोटी ड्राइव के लिए । अलग-अलग ब्रांडों के मॉडलों में आपको उनकी कीमत में भी अंतर देखने को मिलेगा। यहां पर आपको कार की सीटिंग कैपेसिटी के अनुसार भी कार का चुनाव करना होगा जैसे 5 सीटर या 7 सीटर 5 सीटर मुख्यतः छोटे परिवार के लिए और 7 सीटर थोड़ा बड़े परिवार के लिए उपयोगी होती है । मारुति के कुछ मॉडलों को छोड़कर लगभग अधिकतर सभी 5 सीटर ही हैं। आप अपनी सुविधा, सुरक्षा और उपयोग के हिसाब से अपने लिए कर चुन सकते हैं ।

टेस्ट ड्राइव

आजकल लगभग सभी कंपनियां अपने कस्टमर को गाड़ी लेने से पहले कार चला कर देखने की सुविधा देती है। यह टेस्ट ड्राइव यदि आप शोरूम आने में असमर्थ हैं तो आपको आपके घर पर भी करा दी जाती है। टेस्ट ड्राइव लेने से आपको कार लेने से पहले ही यह अनुभव हो जाता है कि कौन सी कार हमारे लिए सुविधाजनक है । टेस्ट ड्राइव लेकर आप मॉडलों को शॉर्ट लिस्ट कर सकते हैं ।

कार्य के लिए बजट और उसमें मिलने वाला डिस्काउंट

आपको अपने बजट के अनुसार ही कार के मॉडल का चुनाव करना चाहिए । और यह भी देखना चाहिए की कौन से ब्रांड अपनी किन-किन मॉडल में कितना डिस्काउंट दे रहे हैं। उसी हिसाब से उसकी कीमत कम होगी । कार के फीचर भी कार की कीमत को प्रभावित करते हैं, अब यह आपको निश्चित करना होगा कि कार ड्राइविंग में आपको कौन-कौन से फीचरों वाली कार लेनी चाहिए । कार कंपनियां अपने मॉडल की बिक्री के हिसाब से दिए जाने वाले डिस्काउंट को समय-समय पर कम और अधिक करते रहते हैं । कर की कीमत को उसके लिए लिया जाने वाला लोन और उसका इंश्योरेंस किए जाने वाली कंपनी पर भी निर्भर करता है । अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों का इंटरेस्ट रेट अलग-अलग होता है उसी प्रकार इंश्योरेंस भी अलग-अलग कंपनियों का प्रीमियम अलग-अलग एंड ओन के हिसाब से अलग-अलग होता है ।

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